अवसाद और आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंतन किया
हरिद्वार, जून 22 -- बढ़ते अवसाद और आत्महत्या के मामलों पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने पर जोर दिया। गोष्ठी की अध्यक्षता देव संस्कृति विश्वविद्यालय के डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन डॉ. मीरा भारद्वाज ने किया। लेखिका सृष्टि वर्मा ने कहा कि आज की आपाधापी, प्रतिस्पर्धा और बढ़ते दबाव के कारण तनाव एवं अवसाद की समस्या गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि जीवन की चुनौतियों से निपटने के उपाय गीता के संदेशों में निहित हैं। सनी मिश्रा ने सफलता के लिए धैर्य और परिश्रम को आवश्यक बताते हुए शॉर्टकट की प्रवृत्ति को अवसाद का एक कारण बताया। यह भी पढ़ें- अवसाद और आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंतन किया शिक्षिका वृंदा शर्मा ने बच्चों के मनोविज्ञान को समझने और उनसे खुलकर संवाद स्थापित करने पर जोर दिया। प्रभात रं...
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