गुड़गांव, अगस्त 21 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत। अब स्कूल में किसी मशीन को देखकर सिर्फ यह जानना जरूरी नहीं होगा कि वह काम कैसे करती है, बल्कि उसे समझने और उससे जुड़ा काम करने का मौका भी विद्यार्थियों को मिलेगा। किताबों और कक्षा की पढ़ाई के साथ अब हुनर को सीखने का अनुभव जोड़ने की तैयारी है। पीएम श्री स्कूलों में कौशल आधारित शिक्षा को इस तरह आगे बढ़ाया जा रहा है कि विद्यार्थी छोटी कक्षा से ही अलग-अलग काम और ट्रेड को समझें और आगे चलकर उद्योगों व कार्यस्थलों को नजदीक से देखकर यह जान सकें कि स्कूल में पढ़ी चीजें वास्तविक दुनिया में कहां और कैसे काम आती हैं।

छठी से शुरू होगी हुनर की पहचान गुरुग्राम के पीएम श्री स्कूलों में विद्यार्थियों को कक्षा छह से ही अलग-अलग कौशल और ट्रेड से परिचित कराने पर जोर रहेगा। इसका मकसद यह नहीं होगा कि छोटी कक्षा में ...