आगरा, मई 16 -- अपर सत्र न्यायाधीश मृदुल दुबे ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर किए गए रिवीजन को निरस्त कर दिया है। अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को यथावत रखा। विपक्षी कर्मचारी की ओर से अधिवक्ता राजकुमार और आरती शर्मा ने तर्क पेश किए। मनोहर सिंह ने अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र पेश किया था। आरोप लगाया कि उसने साल 2014 में अमित को नौकरी पर रखा था। कर्मचारी अमित ने हिसाब में गड़बड़ी उसकी फर्म में काम करने के बाद भी अपनी व्यक्तिगत फर्म खोलकर उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाया। इस प्रार्थनापत्र को अवर न्यायालय में तीन जुलाई 2025 को खारिज कर दिया। यह भी पढ़ें- दिल्ली की कोर्ट ने भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया को दी बड़ी राहत, 6 साल पुराने मामले में किया बरी इस आदेश के खिलाफ मालिक ने सत्र न्यायालय में रिवीजन द...