अवध संध्या में शास्त्रीय गायन, कथक और मलखम्भ ने बांधा समां
लखनऊ, अक्टूबर 6 -- उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से मंगलवार को संत गाडगे प्रेक्षागृह में आयोजित अवध संध्या में शास्त्रीय गायन, कथक और मलखम्भ की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह भी पढ़ें- बनारस घराने की लघुचित्र कला का लखनऊ में प्रदर्शन, 'मिनिएचर्स-बनारस घराना' का शुभारंभमुख्य अतिथि का सम्बोधन मुख्य अतिथि प्रख्यात लोकगायिका व पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने छह साल बाद 'अवध संध्या' दोबारा शुरू होने पर अकादमी को बधाई दी और इसे लखनऊ की सांस्कृतिक धरोहर बताया। साथ ही आयोजन को सोशल मीडिया के जरिए और लोकप्रिय बनाने का सुझाव दिया।सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत गाजियाबाद के शास्त्रीय व उपशास्त्रीय गायक डॉ. इन्द्रेश कुमार मिश्रा ने 'धीरे-धीरे से झुलाओ मोरे प्यारे ललना' से की। इसके बाद कथक कलाकार...
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