अल्मोड़ा, सितम्बर 27 -- लंबित मांगों के पूरा नहीं होने से शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को शिक्षकों ने खून से लिखे पत्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा। समस्याओं के जल्द निदान की मांग की। राजकीय शिक्षक संघ लंबे समय से प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती पर रोक लगाने, शत-प्रतिशत पदोन्नति व क्रमवार स्थानांतरण की मांग को लेकर आंदोलनरत है। संघ की ओर से अलग-अलग चरणों में आंदोलन चलाया जा रहा है। राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर शुक्रवार को माध्यमिक विद्यालय द्यूनाथल के शिक्षकों ने खून से लिखे पत्रों के साथ स्कूल गेट के सामने प्रदर्शन किया। साथ ही खून से लिखे पत्र भी प्रधानमंत्री को भेजे गए। कहा कि सरकार की ओर से शिक्षा की स्पष्ट नीति नहीं बनाई जा रही है। इस कारण शिक्षकों के हितों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने प्रधानाचार...
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