पटना, फरवरी 25 -- जदयू की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा कि जब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट सदन के पटल पर प्रस्तुत किया गया, तब यह अपेक्षा थी कि जो दल स्वयं को अल्पसंख्यकों का सबसे बड़ा हितैषी बताते हैं, वे शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गंभीर बहस करेंगे। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से न कोई प्रश्न उठाया गया, न कोई सुझाव दिया गया और न ही किसी प्रकार की सार्थक चर्चा की गई।
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