खगडि़या, फरवरी 16 -- अलौली। एक प्रतिनिधि प्रखंड अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हो या अतिरिक्त पीएचसी हरिपुर, शुंभा, मेघौना, मोहराघाट में प्रसव कराने आने वाले मरीजों को समुचित सुविधाएं नहंी मिलती है। जबकि अस्पताल में गरीब वंचित परिवार की महिलाएं प्रसव कराने ज्यादा आती हैं। प्रसव कक्ष परिसर में किसी मर्द को आना वर्जित रहता है। पर,जिस जिम्मेदारी को लेकर मर्द परिजनों को बाहर रखा जाता है उसका अनुचित लाभ उठाया जा रहा है। अज्ञानी परिजन ममता व आशा कार्यकर्ता के मार्ग दर्शन में आदेश सुनती है। बताया जाता है कि छोटे ऑपरेशन के नाम पर सिलाई धागा बाहर से खरीद कराया जाता है। अनयथा तीन सौ रुपये मे धागा एएनएम द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। वैसी स्थिति में सिलाई करने की भी फीस निर्धारित कर रखी जाती है। ममता, आशा भी निर्धारित उगाही रशि निर्धारित कर रखती...