अली का जिक्र करना व सुन्ना इबादत है
लखनऊ, जुलाई 17 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता कर्बला के शहीदों की याद में अजाखाना-ए-अखतर हुसैन हसन पुरिया में एक मजलिस व शब्बेदारी का आयोजन किया गया है। मजलिस का आगाज कारी हबीब आलम रिजवी ने तिलावते कुराने पाक से किया। उसके बाद अजहर हुसैन, ताबिश रिजवी,जफर बनारसी,शुजा रिज़वी ने अपने कलाम पेश किये।मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि पैगम्बरे इस्लाम ने कहा है कि अपनी मजलिसों को जिक्रे अली से जीनत दो, क्योंकि अली का जिक्र करना व सुन्ना इबादत है, अली का जिक्र मेरा जिक्र है और मेरा जिक्र अल्लाह का जिक्र है,अल्लाह का जिक्र करना इबादत है। मौलाना ने जब शाम के कैदखाने में हजरत इमाम हुसैन की मासूम बेटी जनाबे सकीना को इमाम हुसैन का कटा हुआ सिर मिला जिसे यजीद ने एक तश्त में कैदखाने में भिजवाया था। जनाबे सकीना ने अपने बाप के कटे सिर से लिपटकर फरियाद की और दर्द...
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