किशनगंज, अप्रैल 15 -- पोठिया। पोठिया की मिट्टी और जलवायु तेलहन की खेती मुख्यत अलसी( तीसी ) तथा सरसों के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती है। लेकिन पोठिया प्रखंड के किसानों के लिए तिलहन फसलों-विशेषकर अलसी (तीसी) और सरसो की खेती दिन-ब-दिन चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव ने खेती-किसानो की पारंपरिक व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। अचानक होने वाली बारिश से खेतों में जल जमाव हो जाता है, जिससे फसलों की जड़ें सड़ जाती हैं और पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। यह भी पढ़ें- आंधी और बारिश से तेलहनी फसलों को भारी नुकसान, घट गयी पैदावार इस कारण किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर जाता है। इसके अलावा मजदूरों की क...