मेरठ, मार्च 20 -- रमजान के पाक महीने के आखिरी जुमे (अलविदा जुमे) पर क्षेत्र की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही लोग नमाज की तैयारियों में जुटे हुए थे। नमाज का वक्त होते ही मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गई। लोगों ने नमाज अदा करने के बाद मुल्क में अमन चैन व आपसी भाईचारा कायम रहे इसके लिए दुआएं मांगी। अलविदा जुमे के मौके पर उलेमाओं ने खास तकरीर की, जिसमें रमजान की फजीलत और इसकी अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली। तकरीर के दौरान जैसे ही रमजान के रुख्सत होने का जिक्र आया, वैसे ही कई नमाजियों की आंखें नम हो गईं। उलेमाओं ने कहा कि रमजान सिर्फ एक महीना नहीं, बल्कि इंसान को नेक रास्ते पर चलने की ट्रेनिंग देता है। इसलिए जिस तरह लोग इस महीने में पाबंदी के साथ नमाज, रोजा और इबादत करते हैं, उसी तरह आम दिनों में भी अल्लाह की इबादत ...
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