कौशाम्बी, जून 28 -- मुहर्रम की बारहवीं तारीख को निदुरा सादात में गम और अकीदत के माहौल के बीच अलम और जुल्जनाह का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और हजरत इमाम हुसैन व शहीदाने कर्बला की याद में मातम कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया। जुलूस में अंजुमन हुसैनी ब्रदर्स कानपुर, अंजुमन औरेनी, अंजुमन नन्नमई तथा अंजुमन गम-ए-हुसैनी निदुरा सादात के साहबे-बयाज ने अपने-अपने अंदाज में दर्दभरे नौहे पेश किए। रसूल रोते हैं... नौहे की सोजभरी सदाओं ने पूरे माहौल को गम में डुबो दिया। नौहाख्वानी के दौरान अकीदतमंदों ने सीना-जनी कर इमाम हुसैन की शहादत का पुरसा पेश किया। यह भी पढ़ें- मोहर्रम के तीजे पर निकाला गया अलम का जुलूस अलम और जुल्जनाह के साथ निकला जुलूस अपने कदीमी मार्ग से होता हुआ कर्बला पहुंचा, जहां सभी अंजुमनों ने ब...