नई दिल्ली, अप्रैल 19 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश में अलग-अलग धर्म के दृष्टिहीन जोड़े को साथ रहने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने दोनों के व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद को बरकरार रखते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इस जोड़े को सुरक्षित रूप से उनकी पसंद की जगह तक पहुंचाने के लिए पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए। दिल्ली हाई कोर्ट ने 18 अप्रैल को 100 प्रतिशत दृष्टिहीन अलग-अलग धर्मों के एक जोड़े को साथ रहने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने यह फैसला महिला से बातचीत करने के बाद दिया। उसने याचिकाकर्ता के साथ रहने और उससे शादी करने की अपनी इच्छा जाहिर की थी। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की एक डिवीजन बेंच ने अपने रिकॉर्ड में यह बात दर्ज की कि महिला ने खुद कोर्ट के सामने पेश होकर कहा था कि वह राम कृपाल के साथ रहना चाहती है और दोनो...
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