वाराणसी, दिसम्बर 10 -- वाराणसी। शिवपुर में चल रही रुद्र संहिता कथा में मंगलवार को भगवान वेदांताचार्य रसिक ने शिव महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर का सर्वत्र होने वाला व्यापक स्वरूप धर्म और दर्शन में विभुत्व कहा गया है, जो मुख्यतः ईश्वर की महिमा, सामर्थ्य और सर्वत्र-व्यापक स्वरूप को सूचित करता है। उन्होंने कहा कि दिव्य देवता उनके स्थूलरूप को देखते हैं, दिव्ययोगी परमपिता परमात्मा को प्रसन्न करने का एकमात्र उपाय वेदनिर्दिष्ट धर्म को बताते हैं। जिसका श्रुति वाक्य 'प्रसादसाधनं धर्मः' है। कथा में फलाहारी बाबा संत सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत राम दास त्यागी और योगी राज महंत रामकरण दास त्यागी के पावन सानिध्य में यजमान विनोद दुबे, कमलेश केशरी, जितेंद्र मिश्रा, राजेश मिश्रा, दिलीप रघुवंशी सहित स्थानीय भक्तों की मौजूदगी रही।
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