दरभंगा, अप्रैल 7 -- दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के जनकनंदिनी महिला छात्रावास में श्रीमद्भगवद्गीता के पारायण का सोमवार को समापन हुआ। 18वें अध्याय के अंतिम पाठ के अवसर पर कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय अपनी धर्मपत्नी सहित उपस्थित हुए और छात्राओं के साथ मिलकर गीता पाठ पूर्ण किया। यह पारायण कुल 19 दिनों तक चला, जिसमें प्रतिदिन एक-एक अध्याय का पाठ किया गया। एक दिन अत्यधिक वर्षा एवं विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण नियमित पाठ संभव नहीं हो सका। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। छात्रा आकांक्षा ने बताया कि गीता का उपदेश युद्धभूमि में उस समय दिया गया था, जब अर्जुन मोह और संशय में थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कर्म, धर्म और जीवन का मार्ग दिखाया। अन्य छात्राओं ने भी पहली बार गीता पढ़ने के अनुभव को अत्यंत प्रेरणादायक...
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