नई दिल्ली, जुलाई 29 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है कि घरेलू मांग, सेवा क्षेत्र और बुनियादी ढांचा गतिविधियों ने आर्थिक विकास को सहारा दिया। मौजूदा समय में पश्चिम एशिया में संघर्ष, व्यापार में अनिश्चितता और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम बना हुआ है। इन सब के बावजूद आर्थिक के लिहाज से भारत एआई के क्षेत्र बड़े अवसर पैदा कर सकता है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा बुधवार को जारी जुलाई की आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक स्थिति मौजूदा समय में सही है लेकिन भविष्य के लिहाज से कई चिंताएं बनी हु...