कानपुर, मार्च 29 -- कानपुर। मजदूर यूनियन ने रविवार को अरमापुर इस्टेट में अर्थराइटिस पर जागरूकता सेमिनार किया। इसमें वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. नदीम फारूकी ने कहा कि गठिया एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे जोड़ों को प्रभावित करती है और यदि समय पर इसका उपचार न किया जाए तो यह व्यक्ति के दैनिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आर्थराइटिस के विभिन्न प्रकारों जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस आदि के बारे में बताया। डॉ. नदीम ने बताया कि बढ़ती उम्र, अनियमित जीवनशैली, अत्यधिक शारीरिक श्रम, मोटापा एवं पोषण की कमी इस बीमारी के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसके लक्षणों में जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न एवं चलने-फिरने में कठिनाई प्रमुख हैं। उन्होंने सभी को सलाह दी कि यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श...
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