आगरा, मार्च 28 -- शहर के सहावर गेट नवरंग विहार कालोनी में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक ने सुदामा चरित्र की कथा का रसपान कराया। इस दौरान सुदामा के स्वरूप की झांकी भी सजाई गई। लोगों ने सुदामा के स्वरूप की झोली में दान कर पुण्य कमाया। कथावाचक सुमन शास्त्री ने बताया कि गरीबी से जूझते सुदामा ने पत्नी के बार-बार कहने पर अपने बचपन के मित्र श्रीकृष्ण से मिलने का मन बनाया और वह द्वारिका पहुंचे। यहां द्वारपालों ने सुदामा की दीन दशा देखकर प्रवेश नहीं करने दिया, लेकिन सुदामा के कहने पर द्वारपालों ने जब भगवान कृष्ण को बाहर की स्थिति बताई तो वह नंगे पांव ही बाहर की ओर चले आए और सुदामा को गले लगाया। उन्हें सिंहासन पर बैठाकर पूरे आदर भाव सेवा की और दो मुठ्ठी चावल के बदले दो लोक दान कर उनकी दरिद्...