दिल्ली, जून 18 -- पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में फ्रीडम आफ रिलीजन एक्ट यानी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू करने के लिए गठित उच्चाधिकार समिति ने सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है.इसके बाद इस पर नए सिरे से विवाद तेज हो रहा है.एनडीए की घटक पीपुल्स पार्टी आफ अरुणाचल (पीपीए) के अलावा राज्य का ताकतवर ईसाई संगठन अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम (एसीएफ) भी इसे लागू करने का विरोध कर रहे हैं.उसकी दलील है कि इस कानून का मकसद उनको निशाना बनाना है.एसीएफ ने इस कानून के नियमों का मसविदा तय होने के विरोध में गुरूवार को राजधानी में एक रैली आयोजित करने के साथ ही पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन भी किया.हालांकि मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भरोसा दिया है कि तमाम संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद ही इसे लागू किया जाएगा.लेकिन इस मुद्दे पर विरोध और विवाद बढ़ता ही जा ...