पिथौरागढ़, मार्च 9 -- पिथौरागढ़। पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिकों का धरना 22वें दिन भी जारी रहा। पूर्व सैनिकों का कहना है कि यदि केंद्र सरकार को अरावली बचानी है तो वहां नई बटालियन खोलनी चाहिए। उनका आरोप है कि हिमालय को खतरे में डालकर अरावली बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। अरावली क्षेत्र को बचाने के लिए वहां के स्थानीय पूर्व सैनिकों को शामिल कर नई बटालियन की स्थापना की जानी चाहिए।
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