अराजकता, भय और भ्रम फैलाना ठीक नहीं
नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- गौरव बल्लभ,भाजपा नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी एसआईआर को रद्द करने की मांग ने देश की चुनावी व्यवस्था को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सड़कों पर हैं। सवाल पूछना उनका अधिकार है, लेकिन इस बहस की कसौटी यह होनी चाहिए कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में रहे; अपात्र या दोहरी प्रविष्टियां हटें। केवल इस्तीफे की मांग से इन दोनों उद्देश्यों की पूर्ति नहीं होती। लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता का सीधा संबंध वोट की बराबरी से है। किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटाना उसके अधिकार पर चोट है। वहीं मृत व्यक्तियों के नाम और दोहरी प्रविष्टियां बनाए रखना भी चुनावी व्यवस्था को कमजोर करता है। लोक-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की ध...
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