भागलपुर, फरवरी 26 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता। फारबिसगंज के वार्ड संख्या 23, दसआना कचहरी स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा सह आध्यात्मिक प्रवचन के तीसरे दिन गुरुवार को कथास्थल पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं तीसरे दिन गुरुवार को वाराणसी से पधारे कथावाचक आचार्य पंड़ित रोहितानंद महाराज ने राजा परीक्षित की कथा का प्रसंग सुनाते हुये कहा कि संसार रुपी सागर से पार लगाने का एक मात्र साधन है प्रभु के शरण में जाना। जब जंगी ऋषि के द्वारा राजा परीक्षित को सात दिन के भीतर सर्पदंश से मृत्यु का श्राप लगा तो राजा परीक्षित अन्न जल का त्याग कर गंगा जी के तट पर चले जाते हैं, और अपनी मृत्यु की प्रतिक्षा करने लगते है। आचार्य ने कहा कि राजा परीक्षित जैसे धर्मात्मा राजा को श्राप लगा तो इस बात को सुनकर अनेकों ऋषि गण पहुंचते हैं र...