भागलपुर, जुलाई 29 -- कुर्साकांटा, अररिया से अनिल झा की रिपोर्ट कुर्साकांटा। भारत नेपाल सीमा क्षेत्र के गांवों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए दुग्ध केन्द्र बनाए जा रहे हैं। यह पहल ग्रामीण अजीविका और किसानों की आय मजबूत करने के लिए की जा रही है। इसके तहत गांवों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन किया जाएगा। बीडीओ डॉ नयना पॉल ने बताया कि सरकार का लक्ष्य डेयरी के जरिए भारत नेपाल सीमा के गांवों को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन करना है। इसके लिए किसान के पास कम से कम एक गाय या भैंस होना जरुरी है। ज्यादा से ज्यादा किसान सोसाइटी से जुड सकते हैं। प्रत्येक गांव में एक दुग्ध संग्रहण केन्द्र बनाया जाएगा। किसानों को उनके दूध का मूल्य दूध में...