भागलपुर, दिसम्बर 25 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। जी हां, कागज पर बुलडोजर की बात और धरातल पर अवैध दुकानों की बाढ़ । शाम में कैसे शुरू होता है निर्माण और सुबह तक बन जाती है कच्ची दुकान। अगर इसका पड़ताल करना हो तो आप सीधे स्थानीय विघटित बाजार समिति स्थित सब्जी मंडी आइए और अपनी आंखों से नजारा देखिए ...। स्थानीय विघटित बाजार समिति स्थित सब्जी मंडी इन दिनों सरकारी व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही है। कागजों पर जहां अवैध दुकानों को हटाने के फरमान जारी हो रहे हैं, वहीं धरातल पर हालात इसके ठीक उलट हैं। अधिकारियों की नाक के नीचे रात के अंधेरे में नई-नई अवैध दुकानें खड़ी हो जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इस मंडी में मुश्किल से पांच दर्जन दुकानों को ही वैध अनुज्ञप्ति प्राप्त है, जबकि 200 से अधिक दुकानें खुलेआम संचालित हो रही हैं। इससे न तो दुकानदारों...
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