गाज़ियाबाद, अक्टूबर 3 -- गाजियाबाद। शहर की प्रमुख रामलीलाओं में शुक्रवार को भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे तो भरत समेत माताओं और नगरवासियों ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से भगवान श्रीराम का राजतिलक किया जाता है। राजनगर स्थित श्री रामलीला समिति में श्रीराम 14 वर्षों का वनवास काटकर अयोध्या लौटने पर विचार कर रहे हैं। उन्हें याद आता है कि भरत ने कहा था कि अगर 14 वर्ष के पश्चात एक क्षण का भी विलंब हुआ तो वह अपने प्राण त्याग देंगे। यही सोच कर श्रीराम हनुमान जी को यह सूचना देने के लिए पहले ही भेज देते हैं कि वह अयोध्या लौट रहे हैं। जब वह माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचते हैं तो सबसे पहले भरत से मिलते हैं। श्रीराम और भरत का मिलाप देखकर दर्शक भी भावुक हो जाते हैं। नगर में चारों ओर खुशियां मनाई जाती ...
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