अयोध्या की अंशिका ने लगाए अहीरभैरव के सुर
वाराणसी, मई 8 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की दैनिक प्रभाती में गुरुवार को अंशिका सिंह का शास्त्रीय गायन हुआ। अस्सी घाट पर हुए आयोजन में अयोध्या की अंशिका ने राग अहीर भैरव के सुर लगाए। विलंबित एक ताल में निबद्ध बंदिश 'अब मोरे बालम जागो' के बाद मध्यलय एकताल में 'डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे, प्रेम मगन नाचे भोला...' और तीन ताल में निबद्ध बंदिश 'जागो जागो सुंदरवा' से गायन को विस्तार दिया। समापन इसी राग में राम भजन 'मनवा राम नाम रस पीजै' से किया। उनके साथ तबला पर हिमांशु कुशवाहा और हारमोनियम पर प्रत्यूष पांडेय ने संगत की। कलाकार को प्रमाणपत्र संस्था के सचिव डॉ.रत्नेश वर्मा ने प्रदान किया। यह भी पढ़ें- बिहार के गांधीजी का हुआ शास्त्रीय गायनउन्होंने राग यमन में छोटा ख्याल में पारंपरिक बंदिशों का गायन किया। संचालन डॉ.प्रीतेश आचार्य ने किया।
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