औरंगाबाद, दिसम्बर 25 -- प्रखंड प्रमुख कुटुंबा धर्मेंद्र कुमार ने सरकार द्वारा अयोग्य लाभुकों की पहचान कर राशन कार्ड रद्द करने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इससे आम जनता को गंभीर परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड केवल खाद्यान्न प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह पहचान पत्र के रूप में भी उपयोग होता है और इसी के आधार पर आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड बनता है तथा पारिवारिक सूची भी इससे जुड़ी होती है। राशन कार्ड रद्द होने से कई पात्र लोग स्वास्थ्य बीमा योजना और आवास योजना जैसे लाभों से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बढ़ती बीमारियों को देखते हुए सरकार ने सभी नागरिकों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने की घोषणा की थी, लेकिन राशन कार्ड में नाम नहीं होने पर इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। प्रमुख ने सरकार से मांग की है कि अ...