प्रयागराज, मार्च 24 -- प्रयागराज। फाफामऊ के चंदापुर में सोमवार को हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने कई जिंदगियों को संकट में डाल दिया। शीतगृह में पाइप लाइन के फटते ही उच्च दाब में संचित अमोनिया गैस तेजी से वातावरण में फैलने लगी, जिससे आसपास का क्षेत्र जहरीले बादल में बदल गया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं जाने-माने रसायनविद् प्रो. जगदंबा सिंह के अनुसार इस प्रकार की दुर्घटनाओं में दो प्रमुख वैज्ञानिक कारण सामने आते हैं। पहला, पाइप लाइन के भीतर अत्यधिक दबाव (प्रेशर) का होना और दूसरा, बाहरी यांत्रिक आघात, जैसे मलबे का गिरना। अमोनिया एक तीव्र गंध वाली गैस है, जो सामान्य परिस्थितियों में रंगहीन होती है, लेकिन उच्च सांद्रता में यह श्वसन तंत्र पर गंभीर प्रभाव डालती है।उन्होंने बताया कि अमोनिया स्वयं अत्यधिक विषैली ग...
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