अमेरिकी विरोधाभास
नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार देर रात घोषणा की है कि अमेरिका चरणबद्ध तरीके से रूस से 48 लाख टन डीजल ईंधन खरीदेगा, इसमें से तीन लाख टन की तत्काल आपूर्ति होगी। अमेरिका ने अपने लोगों के हित में रूस से डीजल आयात करने का फैसला लिया है। बेशक, यह हक अमेरिका को है, लेकिन गौर कीजिए, अमेरिका यही हक भारत या चीन जैसे देशों को नहीं देना चाहता। बीते महीने ही ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल के निर्यात को रोकने के लिए बाकायदा कानूनी आदेश पारित किया है। रूस से तेल आयात करने वाले किसी भी देश पर अमेरिका 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का इरादा रखता ह...
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