नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- यामिनी अग्रवाल,प्रोफेसर, भारतीय वित्त संस्थान जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले 'लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट' को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन पहले ही इसे भारी बहुमत से पारित कर चुकी है। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर करते ही यह बिल कानून की शक्ल ले लेगा। इसमें अमेरिकी प्रशासन को यह अधिकार दिया गया है कि रूस और ईरान से तेल व गैस खरीदने वाले देशों पर वह 100 फीसदी तक टैरिफ लगा सकता है। हालांकि, किस देश पर कितना टैरिफ लगेगा, इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि रूस से बड़ी मात्रा में तेल-गैस खरीदने के कारण भारत भी इसकी चपेट में आ सकता है। तथ्य भी यही है कि बदलते भू-राजनीतिक दबावो...