सहारनपुर, फरवरी 3 -- अमेरिकी टैरिफ में कमी से सहारनपुर के लकड़ी हस्तशिल्प उत्पाद वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। यह निर्णय एमएसएमई निर्यातकों को मजबूती देगा और कारीगरों के रोजगार को स्थिरता प्रदान करेगा। दरअसल वुडकार्विंग का 700 करोड़ का सालाना कारोबार है, जिसका करीब 40 प्रतिशत अमेरिका को निर्यात किया जाता है। डेढ से दो लाख लोग प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रुप से इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। अमेरिका द्वारा दो फरवरी को घोषित निर्णय के तहत भारतीय निर्यात पर लगाए जाने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाना देश के निर्यात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है। इस निर्णय से सहारनपुर के लकड़ी हस्तशिल्प उद्योग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं का सामना कर रहा था। आईआईए के राष्ट्र...
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