नई दिल्ली, मार्च 3 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि एक ही अपराध में दो देशों में अलग-अलग मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी एक महिला के अमेरिका में तलाक लेने के बाद दिल्ली में दर्ज कराए गए दहेज उत्पीड़न के केस को रद्द करते हुए की। कोर्ट ने इसे कानून का दुरुपयोग करार दिया है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने कहा कि महिला अमेरिका में पति से तलाक ले चुकी है। समझौते की रकम भी ले चुकी है। अब भारत लौटने पर उसने ससुरालवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है। बेंच ने कहा कि पहली बात महिला पति के साथ विदेश में रह रही थी। निश्चित तौर पर घरेलू हिंसा या दहेज प्रताड़ना का अपराध भी वहीं हुआ होगा। वहां उसने इसके खिलाफ मामला दायर किया। इसी के तहत पति-पत्नी के बीच समझौता हुआ और एक तय रकम लेकर दोनों में सहम...
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