नई दिल्ली, अगस्त 11 -- सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने हाल ही में मक्का समझौते को मंजूरी दे दी है। नाटो की तर्ज पर इस समूह में शामिल एक देश पर हमले को सभी देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा। इस समझौते को लेकर पश्चिम एशिया में हलचल तेज है। मक्का समझौते को इस्लामिक नाटो की शुरुआत भी कहा जा रहा है। अब चर्चा है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है। विशेषज्ञ पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के इस समझौते को महज एक रक्षा समझौते की तरह नहीं, बल्कि क्षेत्र में बदलते समीकरणों का जवाब मान रहे हैं। यह भी खबर है कि इस समझौते में अभी कई देशों की एंट्री होगी। बता दें कि नाटो के आर्टिकल 5 की तरह ही मक्का पैक्ट का मुख्य प्रावधान यही है कि किसी एक सदस्य देश पर हुआ सशस्त्र हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा। समझौता ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया और उसके आस...