फरीदाबाद, अप्रैल 8 -- फरीदाबाद, धनंजय चौहान। अमेरिका-ईरान के बीच हुए युद्धविराम की घोषणा से उद्यमियों ने राहत की सांस ली है। डेढ़ माह से गैस की किल्लत और कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने से जूझ रहे उद्योगों में एक बार फिर रफ्तार मिलने की उम्मीद है। मजदूर वर्ग एक बार फिर अपने गांव से उद्याेगों में लौटेगा। वहीं महंगी पीएनजी की समस्या से उद्यमियों को छुटकारा मिलेगा। कलपुर्जों की नगरी फरीदाबाद में छोटे-बड़े करीब 28 हजार उद्योग हैं। इनमें जेसीबी, एस्कॉर्ट्स-कुबेटा, एसीई आदि अर्थमूवर, क्रेन और ट्रैक्टर बनाने वाले उद्योगों के साथ-साथ हजारों की संख्या विभिन्न तरह की कार, ट्रक, कैंटर और दोपहिया वाहनों के पुर्जे बनाने वाली कंपनियां हैं। यहां रक्षा बुलेट प्रूफ जैकेट, रक्षा साजो सामान बनाने वाली कंपनियों के साथ गारमेंट निर्यात की करीब 500 बड़ी कंपनिया...