नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में आ गया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दो सप्ताह के युद्धविराम की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शुक्रवार को दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच वार्ता के लिए इस्लामाबाद में मंच तैयार किया गया है। नई दिल्ली में इस घटनाक्रम को लेकर साफ बेचैनी दिख रही है। आधिकारिक तौर पर माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति का रास्ता चाहते थे और पाकिस्तान ने तुरंत मदद की पेशकश की। हालांकि, घटनाओं का क्रम बताता है कि इस्लामाबाद ने सुनियोजित रणनीति के तहत ऐसे कदम उठाए, जिनसे उसे अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा कूटनीतिक प्रभाव हासिल हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच सीज...
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