वाराणसी, मार्च 7 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। दारानगर स्थित मरकजी शिया जामा मस्जिद में जुमा की नमाज के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की याद में जलसा और मजलिस का आयोजन हुआ। जलसे का आगाज मौलाना सरताज हुसैन ने तिलावते कलाम पाक से किया। इस दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे भी लगाए गए। मौलाना जायर हसन ईमानी और मौलाना सैय्यद अमीन हैदर हुसैनी ने कहा कि खामेनेई सिर्फ सियासी रहनुमा नहीं थे बल्कि शिया समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरु भी थे। वे जालिमों के खिलाफ अंतिम समय तक मोर्चे पर डटे रहे। जलसे की निजामत डॉक्टर शफीक हैदर ने की। भारत के विदेश सचिव को ईरान एम्बेसी भेजकर शोक संवेदना व्यक्त करने की सराहना की गई। सरकार से मांग की गई कि अमेरिका और इजराइल से रिश्ते तोड़ लेने चाहिए। आखिर में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैय्यद अकील हुसैनी...
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