नई दिल्ली, मार्च 11 -- भारत की कूटनीतिक दुनिया के अनुभवी चेहरों में गिने जाने वाले तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली के नए उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ग्रहण की है। पदभार संभालते ही उनके लंबे डिप्लोमैटिक करियर की चर्चा तेज हो गई है। तीन दशक से अधिक समय तक भारतीय विदेश सेवा में काम कर चुके संधू का डिप्लोमैटिक सफर अमेरिका, श्रीलंका, जर्मनी और यूक्रेन जैसे कई अहम देशों से होकर गुजरा है।JNU से पढ़कर सोवियत संघ से शुरू किया करियर 23 जनवरी 1963 को जन्मे संधू ने सेंट स्टीफन कॉलेज से इतिहास में ग्रेजुएशन और जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय से इंटरनेशनल रिलेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। संधू का डिप्लोमैटिक करियर सोवियत संघ के दौर में शुरू हुआ था। 1990 से 1992 तक उन्होंने रूस में भारतीय मिशन में काम किया। सोवियत संघ के टूटने के बाद उन्हें यूक्रेन भेजा गया, जहां ...