गौरीगंज, मई 30 -- संग्रामपुर। बड़गांव में शिवपुराण कथा के चौथे दिन कथा व्यास पं. शुभम ने सती विवाह व पार्वती जन्म की कथा का सरस वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि दक्ष प्रजापति की पुत्री सती ने कठोर तप करके भगवान शिव को पति रूप में पाया। विवाह के बाद भी दक्ष ने शिव का अपमान किया, जिससे दुखी होकर माता सती ने यज्ञ कुंड में अपने प्राण त्याग दिए। कथा के दौरान सती-शिव विवाह की झांकी सजाई गई, जिस पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। सती ने ही अगले जन्म में हिमालयराज के घर माता मैना की कोख से पार्वती रूप में जन्म लिया। यह भी पढ़ें- सती वियोग में शिव के तांडव और शक्तिपीठों के स्थापना की सुनाई कथा बचपन से ही माता पार्वती शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप करने लगीं। कथा के मुख्य यजमान अमर सिंह ने पत्नी संग व्यास पूजन कर आरती उतारी।

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