गौरीगंज, जनवरी 3 -- शुकुल बाजार। वन विभाग के पास संसाधनों की कमी के चलते जंगलों की रखवाली भगवान भरोसे ही हो रही है। क्षेत्र में वन विभाग की न तो चौकी है न थाना, फिर भी जंगलों को है बचाने की जिम्मेदारी है। वन माफिया जंगलों की कीमती लकड़ियां काटकर बेंच रहे हैं। करीब 20 वर्ष पहले कस्बा शुकुल बाजार से आठ किमी दूरी पर स्थित माझगांव जंगल में एक वन चौकी बनाई गई थी। जिसमें रह कर वनकर्मी जंगलों की निगेहबानी करते थे। धीरे-धीरे यह वनकर्मी कस्बा में आकर रहने लगे और समय के साथ चौकी खंडहर में तब्दील हो गई। वन माफिया आये दिन इन जंगलों की वेशकीमती लकड़ियों को चोरी छिपे काटकर बेंच रहे हैं। जंगलों के पेड़ों को बचाने की जिम्मेदारी जगदीशपुर में कार्यरत वन दरोगा पंकज कुमार को दी गई है। क्षेत्र के वन बीटों की देखरेख के लिए विभाग ने यहां एक बाइक व असलहा दे रखा ह...
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