गौरीगंज, मार्च 10 -- अमेठी। जनपद के प्रमुख तीर्थ स्थलों को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से करीब दो वर्ष पहले प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया गया था। लेकिन अब यह अभियान पूरी तरह बेअसर होता नजर आ रहा है। वर्तमान समय में मां कालिकन धाम हो या दुर्गन धाम, हर जगह प्लास्टिक की पालीथिन और कचरे का अंबार दिखाई दे रहा है। तीर्थ स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु प्रसाद, फूल-माला और पूजा सामग्री अधिकतर प्लास्टिक की थैलियों में लेकर पहुंचते हैं। वहीं मंदिर परिसर के आसपास दुकान लगाने वाले दुकानदार भी पालीथिन का खुलेआम उपयोग कर रहे हैं। इसके चलते मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे का ढेर लग जाता है। जिससे न केवल गंदगी फैलती है बल्कि श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। केवल कालिकन धाम और दुर्गन धाम ही नहीं, बल्क...