गौरीगंज, दिसम्बर 3 -- शुकुल बाजार। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शुकुल बाजार एक बार फिर विवादों में है। इस विद्यालय का विवादों से पुराना नाता रहा है। वर्षों से जमे स्टाफ, लगातार बढ़ती गुटबाजी, पुराने आरोपों पर कार्रवाई न होना और व्यवस्था सुधार को लेकर विभागीय उदासीनता ने हालात को धीरे-धीरे विस्फोटक बना दिया। सोमवार और मंगलवार को दो गुटों की शिक्षिकाओं के आमने-सामने आने के बाद छात्राओं व अभिभावकों का सड़क पर उतरना, थाने पर जाम लगाना और प्रशासन का विद्यालय को तीन दिन के लिए बंद कर अभिलेखों को सील करना इन्हीं पुरानी अव्यवस्थाओं की परिणिति मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पिछले डेढ़ दशक से प्रभारी वार्डन व स्टाफ लगभग स्थायी रूप से तैनात है। लंबे समय से एक ही टीम होने के कारण मनमानी और खींचतान बढ़ती चली गई। इसी के चलते क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.