नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा में आप के 10 में से 7 सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़ दी है और भाजपा में विलय की घोषणा की है। इस बगावत के कारण राज्यसभा में अरविंद केजरीवाली का प्रतिनिधित्व अब नाममात्र का रह गया है, जबकि भाजपा की ताकत में इजाफा हुआ है। सूत्रों के की मानें तो इस बगावत की नींव 14 मार्च 2026 को पंजाब के मोगा में गृह मंत्री अमित शाह की बदलाव रैली के दौरान ही रख दी गई थी। सब कुछ अपने समय के हिसाब से चला और अंतत: सातों सांसदों के भाजपा में विलय का ऐलान हो गया। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने उन सांसदों से संपर्क किया जो पंजाब सरकार के कामकाज और केजरीवाल की शीशमहल और अन्य विवादों से नाराज थे। दिलचस्प बात यह है कि अशोक मित्तल को 2 अप्रैल को ही राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में उप-...
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