नई दिल्ली, जून 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर से जुड़े मामले की सुनवाई की। अदालत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को ठाकुर के खिलाफ लंबित सभी चार अनुशासनात्मक मामलों में छह महीने के अंदर कार्यवाही पूरी करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की आंशिक कार्यदिवस पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश वकील रुचिरा गोयल की दलीलों पर संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया था कि ठाकुर के खिलाफ चार अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने सुनवाई के दौरान आरोप लगाया कि कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के बावजूद पिछले 10 सालों से यह प्रक्रिया खिंचती जा रही है और नतीजतन, 10 लाख रुपये के ग्रेच्युटी फंड सहित अन्य बकाया पैसों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। यह भी पढ़ें- यूपी के आईए...