देहरादून, मार्च 18 -- हरिद्वार। अमावस्या के अवसर पर मायापुर स्थित नारायणी शिला मंदिर में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद मंदिर पहुंचकर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने पितरों की शांति और मोक्ष की कामना की। सुबह होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। पंडितों के मार्गदर्शन में लोगों ने पिंडदान और तर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। उत्तराखंड के अतिरिक्त हिमाचाल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों से श्रद्धालु नरायाणी शिला मंदिर पहुंचे। नारायणी शिला मंदिर मुख्य पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि अमावस्या के दिन पूजा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पूर्वजों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।
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