अमरोहा, जून 27 -- ​अमरोहा में अजादारी और मजालिस का सिलसिला अपनी पूरी रवायती अकीदत और गमगीन माहौल के साथ जारी है। इसी कड़ी में शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिस शाम-ए-गरीबां का आयोजन किया गया। यौम-ए-आशूरा (10 मुहर्रम) की ढलती शाम को कर्बला के भूखे-प्यासे शहीदों और उनके बेसहारा बचे खानदान पर ढाए गए ज़ुल्म की याद में पूरा शहर गम के साये में डूब गया। मोमबत्तियां जलाकर और तारीकी (अंधेरे) के बीच बैठकर कर्बला की उस भयानक रात को याद किया गया, जब इमाम हुसैन की शहादत के बाद यजीदी फौज ने अहलेबैत के खेमे जला दिए थे। इसी कड़ी में मुख्य मजलिस इमाम बारगाह मैमूना खातून में आयोजित हुई, जिसमें सलीम अमरोहवी व हमनवां ने सलाम पेश किया। मजलिस के बाद नौहाख्वानी के बीच अजादारों ने सीनाजनी की. यह भी पढ़ें- अमरोहा में अकीदत के साथ मजलिसे शाम-ए-गरीबां का आयोजनमात...