अमरनाथ की चिंता
नई दिल्ली, जुलाई 10 -- अमरनाथ यात्रा तो जारी रहेगी, पर इसकी आस्था के केंद्र बाबा बफार्नी के दर्शन नहीं हो पाएंगे। बर्फ से बनने वाला प्राकृतिक शिवलिंग आधिकारिक रूप से यात्रा शुरू होने के चार दिन बाद ही पिघल गया है। मई महीने में यह सात फीट से ज्यादा ऊंचा था, पर यात्रा शुरू से होने से पहले ही 29 जून को इसकी ऊंचाई घटकर पांच फीट रह गई थी। विगत 7 जुलाई को यह 90 प्रतिशत से ज्यादा पिघल गया। लगातार तीसरे साल समय से बहुत पहले ही बाबा ने भक्तों को दर्शन से वंचित कर दिया है। अमरनाथ यात्रा और उस पावन गुफा का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। यह गुफा हिमालय में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां केवल पैदल, खच्चर या पालकी से पहुंचा जा सकता है। यह प्राकृतिक संयोग ही है कि हर वसंत ऋतु में गुफा की छत से टपकता जल जमते-जमते शिवलिंग की आकृति धारण करता है...
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