अररिया, मार्च 14 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। रमजान के पाक महीने के चौथे और संभावित आखिरी जुमे को अलविदा जुम्मा के रूप में बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों ने देश में अमन, शांति और भाईचारा कायम रहने की दुआ अल्लाह से मांगी। बताया जाता है कि इस्लाम धर्म में अलविदा जुम्मा का खास महत्व होता है। इस दिन लोग सुबह से ही नहा-धोकर साफ कपड़े पहनते हैं, सिर पर टोपी लगाते हैं और खुशबू लगाकर मस्जिदों की ओर रुख करते हैं, जहां जुम्मा की नमाज अदा की जाती है। जुम्मन चौक स्थित मस्जिद में मौलाना असलम जमाली और मौलाना कामरुज्ज्मा ने जुम्मा की नमाज अदा कराई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मुस्लिम भाइयों ने स्थानीय जुम्मन चौक स्थित मस्जिद के पास नमाज अदा की। नमाज में शामिल होने वालों में वाहिद अंसारी, बेलाल अली, शमशेर आलम उजाले, ज...
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