बरेली, फरवरी 27 -- सेंथल। इस्लाम अमन और भाईचारे का पैगाम देता है। इस्लाम मे आतंकवाद का कोई भी स्थान नहीं है। ये बातें मौलाना अब्बास इरशाद नकवी ने इमामबाड़ा कलां में मर्सियाखान मुनव्वर अली जैदी उर्फ आरजू की नौमाई की मजलिस में कहीं। उन्होंने कहा कि हजरत ईमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में इंसानियत का परचम बुलंद करते हुए अजीम कुर्बानी पेश की है। हमें उनके बताए नेकी और इंसानियत के मार्ग पर चलकर गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करनी चाहिए। इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। यहां सरफराज हैदर, रियाज हैदर, मोहम्म सगीर, मौलाना फराज वास्ती, मौलाना आजिम हुसैन, मुतवल्ली,अशरफ अली, मुज्य्यन अली, सरफराज हुसैन, दरख्शां हैदर, हसन जहीर, शाकिर हुसैन, गुलशन जैदी आदि थे।
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