अभिलेख प्रस्तुत न करने वाले 20 से अधिक पंचायत सचिवों पर होगी एफआईआर
एटा, मई 18 -- ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर खर्च हुए सरकारी बजट का हिसाब न देना अब पंचायत सचिवों को भारी पड़ने जा रहा है। बार-बार चेतावनी और रिमांडर के बाद भी ऑडिट आपत्ति पर सरकारी अभिलेख प्रस्तुत न करने वाले 20 से अधिक पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। वर्ष 2013-14 से लेकर अब तक की अवधि में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये का सरकारी बजट विकास कार्यों के लिए जारी किया गया है। ग्राम पंचायतों में खर्च हुए इस बजट की ऑडिट आपत्तियां शासन स्तर से मांगी गई है। इसके बाद भी सचिवों ने सरकारी अभिलेख प्रस्तुत किए है। लेकिन 20 से अधिक पंचायत सचिवों ने तीन बार लिखित रिमांडर और कड़ी चेतावनी देने के बाद भी सरकारी बजट के खर्च से जुड़े दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किए। इसे सरकारी धन के दुरुप...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.