अभिलेख नहीं मिलने पर टीचरों को फर्जी नहीं ठहरा सकते, हाईकोर्ट ने 15 सहायक शिक्षकों को दी बड़ी राहत
प्रयागराज, सितम्बर 25 -- Allahabad Highcourt Order: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ जिले के 15 सहायक शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि सरकारी कार्यालय में नियुक्ति संबंधी अभिलेख नहीं मिलने मात्र से शिक्षकों की नियुक्ति को फर्जी या धोखाधड़ीपूर्ण नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने शिक्षकों के खिलाफ की गई प्रतिकूल कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। रजनीश उपाध्याय और 14 अन्य शिक्षकों ने याचिका दाखिल कर वेतन रोकने और नियुक्तियों को फर्जी बताकर कार्रवाई करने के आदेशों को चुनौती दी थी। इनकी नियुक्तियां वर्ष 2010 से 2016 के बीच मऊ के सहायता प्राप्त विद्यालयों में हुई थीं। याचियों के अनुसार, नियुक्तियों को तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से अनुमोदन मिला था और उन्हें लंबे समय से वेतन भी दिया जा रहा था। यह भी पढ़ें- फ्लैट का कब्जा मिलने...
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