गोरखपुर, फरवरी 4 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास में राजकीय बौद्ध संग्रहालय की ओर से सात दिवसीय प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं-अभिरूचि कार्यशाला पर राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का शुभारम्भ मंगलवार को हुआ। मुख्य अतिथि प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विपुला दुबे ने इतिहास संरचना में अभिलेखों का महत्व विषय पर रोचक जानकारी दी। अशोक कालीन अभिलेखों से लेकर मध्यकाल तक के अभिलेखों के विकसित स्वरूप से सभी को परिचित कराया। बताया कि अभिलेख इतिहास परम्परा के संवाहक हैं। अभिलेखों से परिक्रिया एवं पुराकल्प इतिहास की जानकारी मिलती है। अभिलेखों के माध्यम से यह सिद्ध होता है कि भारत में इतिहास चेतना प्राचीनकाल से ही विद्मान थी। प्रो. कीर्ति पाण्डेय ने कहा कि अभिलेख एवं मुद्राओं ...